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छोटू सिंह रावणा जीवन परिचय – Chotu Singh Rawna Biography, Age, Family, Education, Wife, Mobile Number

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आज के इस पोस्ट मे आपको हम छोटू सिंह रावणा जीवन परिचय के बारे मे बताएगे, जिसमे आपको Chhotu Singh Rawna Biography, Age, Family, Education, Wife, Mobile Number के बारे मे विस्तार से जानकरी देगे।

Chotu Singh Rawna Biography And Wiki

नाम छोटू सिंह रावणा
जन्म 4 अक्टूम्बर 1996 
जन्म स्थान कोटरा, बाड़मेर
शिक्षा  पीजी कॉलेज बाड़मेर
उपलब्धिक्रांतिकारी भजन सम्राट
प्रसिद्ध भजन  माँ रानी पद्मावती, वायक आया गुरुदेव (रानी रूपादे)
धर्म हिन्दू
नागरिकता भारतीय

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छोटू सिंह रावणा जीवनी ( जीवन परिचय ) हिन्दी मे

राजस्थानी भजनो के सिरमोर छोटू सिंह रावणा को आज से कुछ समय पहले कोई भी व्यक्ति नहीं जानता था, लेकिन इन्होंने कुछ ऐसे भजन गाए जिनकी बदौलत आज यह पूरे राजस्थान में नहीं अपितु पूरे भारतवर्ष में प्रसिद्ध है इन्होंने अपने भजनों के माध्यम से लोगों के दिलों में इस कदर जगह बनाई कि लोग आज इनके भजन सुनने के लिए लाखों की संख्या में इकट्ठा होते हैं इन्होंने अपनी भजनों के माध्यम से वीर क्रांतिकारियों तथा समाज की कुरीतियों को दूर करने के बारे में अपने भजनों में गाया है छोटू सिंह रावणा क्रांतिकारी भजन सम्राट के रूप में भी जाने जाते हैं इनके प्रसिद्ध भजन रानी पद्मावती अमर रहे स्वाभिमान तेरा और वायक आया गुरुदेव रानी रूपादे के भजन काफी ज्यादा प्रसिद्ध हुए और इन्हीं भजनों की वजह से इनको आज पूरे राजस्थान में जाना जाता है आजकल यह ओम बन्ना के काफी ज्यादा भजन और गीत बना रहे हैं

छोटू सिंह रावणा आज भारत की श्रेष्ठ युवा क्रांतिकारी भजन सम्राट है और यह अपने भजनों के माध्यम से देश की आजादी में शहीद हुए  वीर तथा इससे पहले हमारे इतिहास में कुछ ऐसे महान सम्राट और कुछ ऐसे महान वीर योद्धा पुरुष हुए हैं उनके बारे में अपने भजनों में गुणगान करना इनकी प्रमुखता है या अपना भजनों के माध्यम से लोगों को इस तरीके से मोहित करते हैं कि लोग इनके भजन सुनने रात भर जागे रहते हैं।  

छोटू सिंह रावणा के लोकप्रिय हाल ही में पिछले 3 साल से बढ़ना शुरू हुई है जिस समय से इन्होंने राष्ट्रगीत के कुछ ऐसे भजन गाए जो लोगों को काफी ज्यादा पसंद आए इसमें इन्होंने पद्मावती पर पद्मिनी स्वाभिमान अमर रहे हमारा और महाराणा प्रताप के गाने की शुरुआत की, तब इनकी लोकप्रियता काफी ज्यादा बढ़ने लगी और लोग इनके भजनों को काफी ज्यादा पसंद करने लगे, इसके बाद इनको रात्रि जागरण में भी आमंत्रित किया जाता था आज कल यह ओम बन्ना के काफी ज्यादा भजन और गीत प्रस्तुत कर रहे हैं।  

छोटू सिंह रावणा के भजन जहां कहीं पर भी होते हैं वह लोग हजारों की संख्या में कितना होते हैं और इनके  भजनों के गुणगान का आनंद लेते हैं

छोटू सिंह रावणा एक उभरते हुए युवा कलाकार है जिन्होंने युवाओं के लिए एक प्रेरणा के रूप में काम किया है आज का युवा भक्ति की तरफ काफी ज्यादा आकर्षित हो रहा है और भजनों की महिमा गुणगान सुनने के लिए आगे भी आ रहा है छोटू सिंह रावणा अपने भजनों के माध्यम से युवाओं के दिलों में जगह बनाए हुए हैं यह राजस्थानी भजन तथा देश प्रेम के लिए हिंदी और राजस्थानी भाषा को मिक्स करके कुछ भजनों की इस तरीके से सरिता बहाई है की इनके भजन सुनने के लिए आसपास के कई युवा बूढ़े बुजुर्ग महिलाएं सब इकट्ठा हो जाते हैं।

छोटू सिंह रावणा ने हाल फिलहाल में काफी ज्यादा एल्बम प्रस्तुत की है जिसमें उन्होंने भारत की संस्कृति से लेकर प्राचीन इतिहास की कई ऐसी भजन गाए, जो कहीं ना कहीं हमारे इतिहास में दबे पड़े हैं इन्होंने अपने भजनों के माध्यम से लोगों को हमारे इतिहास के बारे में अवगत करवाया। आज के युवा भी इसी तरीके के भजन सुनना चाहते हैं तो इन्होंने उन भजनों को लोगों के साथ प्रस्तुत करके अपने आप को एक महान भजन गायक के रूप में लोगों के समक्ष प्रस्तुत किया।   

उन्होंने अपने भजनों के माध्यम से देश प्रेम और राष्ट्रहित के गीत गाए हैं इन्होंने अपने भजनों में समाज में फैली कुरीतियों के बारे में भी गाया है। छोटू सिंह रावणा एक महान कलाकार हैं जिन्होंने पुरानी पीढ़ी के भजनों को नई पीढ़ी के युवाओं की पसंद के अनुसार गाया, यही एक कलाकार की सबसे बड़ी खूबी होती है जो छोटू सिंह रावणा में देखी जाती है

छोटू सिंह रावणा जन्म, माता-पिता, परिवार, शिक्षा, गाव

छोटू सिंह रावणा का जन्म बाड़मेर जिले की कोटरा गांव में 4 अक्टूबर 1996 को हुआ था छोटू सिंह रावणा के परिवार में कौन-कौन है इसके बारे में अधिक जानकारी इंटरनेट पर मौजूद नहीं है यह मूल रूप से बाड़मेर जिले के कोटरा काम में ही रहते हैं इनकी शिक्षा बाड़मेर के पीजी कॉलेज से हुई है इनका घर बाड़मेर जिले में ही आता है छोटू सिंह रावणा बचपन से ही संगीत की दुनिया से जुड़ चुके थे और जिन्होंने बचपन से ही संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ने की ठान ली थी।

छोटू सिंह रावणा के कैरियर की शुरुआत

छोटू सिंह रावणा के कैरियर की शुरुआत बचपन से ही मानी जाती हैं इन्होंने भजन गायन का काम बचपन से ही सीखना प्रारंभ कर दिया था उस दिन से ही काफी ज्यादा भजन गायन से प्रभावित हुए और इन्होंने अपने कैरियर को इसी सत्र में आगे बढ़ाने के लिए गाना सीखना शुरू कर दिया।  

छोटू सिंह रावणा ने मंच पर भजन गाने की शुरुआत आज से लगभग 4 वर्ष पहले ही शुरू की थी यह इनकी प्रसिद्धि शुरू हो गई उनके भजनों को ज्यादा लोग पसंद करने लगे, जब भी इनकी भजन गाये जाते है तो लोग लाखों की संख्या में इकट्ठा हो जाते और उनके भजनों का आनंद लेते है।

छोटू सिंह रावणा के भजन जहा कहीं पर भी होते हैं वहा लोग पूरी रात्रि जागरण मे भजन सुनने बैठे रहते हैं ।

छोटू सिंह रावणा के प्रेरणा स्त्रोत राजस्थान के सभी गायक कलाकार माने जाते हैं परंतु प्रमुख रूप से यह प्रकाश माली को अपना प्रेरणास्रोत मानते हैं इन्होंने प्रकाश माली के भजनों को सुनते हैं और उनके ही ज़्यादातर भजनों को ही अपने रूप में गाते हैं।

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